चीन ने शक्सगाम घाटी को अपना बताया: भारत-चीन कश्मीर विवाद की पूरी कहानी

चीन ने शक्सगाम घाटी को अपना हिस्सा बताया है। जानिए शक्सगाम घाटी विवाद का इतिहास, 1963 चीन-पाक समझौता, CPEC और भारत का स्पष्ट रुख।

शक्सगाम घाटी क्या है? चीन के दावे पर भारत का जवाब  |

 India-China Kashmir Dispute





चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना हिस्सा बताया है। जानिए शक्सगाम घाटी विवाद का इतिहास, भारत का रुख और चीन-पाक समझौते की सच्चाई।


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शक्सगाम घाटी विवाद


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भारत-चीन सीमा विवाद?

CPEC क्या है?


● शक्सगाम घाटी क्या है?

शक्सगाम घाटी जम्मू-कश्मीर के उत्तर में स्थित एक रणनीतिक क्षेत्र है, जो लद्दाख, चीन के शिनजियांग प्रांत और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र भले ही दुर्गम हो, लेकिन सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।


●चीन ने शक्सगाम घाटी को अपना क्यों बताया? 
(China Claim on Shaksgam Valley)

हाल ही में चीन ने आधिकारिक बयान में कहा कि शक्सगाम घाटी उसके क्षेत्र का हिस्सा है और वहां किया जा रहा बुनियादी ढांचा निर्माण पूरी तरह वैध है।

चीन का दावा है कि यह इलाका ऐतिहासिक रूप से उसके नियंत्रण में रहा है।


● भारत का स्पष्ट और कड़ा रुख

भारत ने चीन के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार:

शक्सगाम घाटी भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है

पाकिस्तान को इस इलाके को किसी अन्य देश को देने का कोई अधिकार नहीं था

चीन द्वारा किया गया कोई भी निर्माण अवैध कब्ज़ा माना जाएगा


●विवाद की जड़: 1963 का चीन-पाकिस्तान समझौता



1963 में पाकिस्तान और चीन के बीच एक सीमा समझौता हुआ, जिसमें पाकिस्तान ने लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर शक्सगाम घाटी चीन को सौंप दी।

- भारत ने इस समझौते को शुरू से ही अमान्य और अवैध बताया, क्योंकि:

यह इलाका जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है

-CPEC और शक्सगाम घाटी

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

भारत का मानना है कि:

चीन शक्सगाम घाटी में सड़कें, सुरंगें और सैन्य ढांचा बनाकर

इस इलाके पर स्थायी कब्ज़ा मजबूत करना चाहता है


2019 के बाद क्यों बढ़ा तनाव?

अनुच्छेद 370 हटने के बाद:

जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन हुआ

चीन और पाकिस्तान दोनों ने भारत के फैसले पर आपत्ति जताई

इसके बाद चीन ने शक्सगाम घाटी को लेकर अपना दावा और तेज़ कर दिया


● चीन के रणनीतिक उद्देश्य

चीन के इस कदम के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं:

शिनजियांग की सुरक्षा

पाकिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी

CPEC परियोजना की सुरक्षा

लद्दाख सीमा पर भारत पर दबाव

दक्षिण एशिया में प्रभाव बढ़ाना


● मौजूदा स्थिति क्या है?

चीन: शक्सगाम घाटी हमारा हिस्सा

भारत: शक्सगाम घाटी भारत का अभिन्न अंग

पाकिस्तान: चीन का समर्थन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी कोई समाधान नहीं


🧾 निष्कर्ष

शक्सगाम घाटी को लेकर चीन का दावा भारत की संप्रभुता के खिलाफ है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने क्षेत्र पर किसी भी अवैध कब्ज़े को स्वीकार नहीं करेगा। आने वाले समय में यह विवाद भारत-चीन संबंधों को और प्रभावित कर सकता है।